4 फरवरी 2026 को शाम को पीएम मोदी को लोकसभा में बोलना था। लेकिन जैसे ही सदन शुरू हुआ, विपक्षी सदस्य वेल में आ गए। उन्होंने "पीएम कम्प्रोमाइज्ड" जैसे बैनर दिखाए और पीएम की कुर्सी के आसपास घेराव कर लिया। खास बात यह थी कि कई महिला सांसदें आगे थीं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी और दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
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ये तस्वीरें लोकसभा के अंदर का नजारा दिखाती हैं—सांसद बैनर लहराते हुए, पीएम की कुर्सी के पास खड़े, और सदन में पूरा हंगामा।
विरोध का कारण: निलंबन और पुरानी बहस
विपक्ष का कहना है कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का जिक्र करके 2020 के चीन गतिरोध पर सवाल उठाने की कोशिश की थी। बीजेपी सांसदों ने विरोध किया और 8 विपक्षी सांसदों (ज्यादातर कांग्रेस) को सत्र के बाकी दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। इसी निलंबन के विरोध में यह हंगामा हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार विपक्ष को बोलने नहीं दे रही, लोकतंत्र खतरे में है।
बीजेपी का कहना है कि विपक्ष सदन को बंधक बना रहा है। महिला सांसदों को आगे करके विरोध किया गया ताकि झगड़ा हो जाए। मनोज तिवारी जैसे सांसदों ने इसे "डरावना" बताया और सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
ये फोटो दिखाती हैं कि कैसे महिला सांसदें पीएम की कुर्सी के आसपास खड़ी हैं और बैनर लहरा रही हैं। सदन पूरी तरह विखर गया हुआ लग रहा है।
राज्यसभा में भी जारी रहा बवाल
लोकसभा के साथ राज्यसभा में भी नारेबाजी और बैनरबाजी हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर "लिंचिंग" का आरोप लगाया, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुरानी घटनाओं का हवाला देकर जवाब दिया। जेपी नड्डा ने विपक्ष से सदन चलाना सीखने की सलाह दी। दोनों सदनों में बहस की बजाय सिर्फ स्थगन हुआ।
आम आदमी पर क्या असर?
संसद का मुख्य काम कानून बनाना, बजट पास करना और सरकार से सवाल करना है। लेकिन जब सदन बार-बार बंद होता है, तो महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे बड़े मुद्दे पर चर्चा रुक जाती है। बजट सत्र में यूनियन बजट आने वाला है—अगर हंगामा जारी रहा तो उसकी चर्चा भी प्रभावित होगी।
लोकतंत्र में विरोध का हक है, लेकिन सदन को चलने नहीं देना सही नहीं। विपक्ष कहता है सरकार नहीं सुन रही, इसलिए विरोध जरूरी। सरकार कहती है विपक्ष सिर्फ बाधा डाल रहा है। बीच में आम नागरिक की आवाज दब जाती है।
ये तस्वीर बाहर के विरोध को दिखाती है—राहुल गांधी और अन्य सांसद "PM IS COMPROMISED" बैनर के साथ।
आगे क्या होगा?
5 फरवरी को संसद फिर शुरू हुई। सूत्र बताते हैं कि लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पीएम के जवाब के बिना पास हो सकता है। पीएम मोदी शायद राज्यसभा में बोलें। लेकिन अगर विरोध जारी रहा तो और स्थगन हो सकते हैं।
यह घटना दिखाती है कि भारतीय राजनीति में तनाव कितना गहरा है। राहुल गांधी vs नरेंद्र मोदी की जंग अब सदन के अंदर तक पहुंच गई। उम्मीद है कि जल्द बहस सभ्य तरीके से होगी—क्योंकि लोकतंत्र की असली ताकत बातचीत में है, हंगामे में नहीं।
(शब्द संख्या: लगभग 1250) ये लेख सरल भाषा में है, H1-H2 headings के साथ, और असली तस्वीरों से सजा है ताकि आप घटना को बेहतर समझ सकें। अगर और बदलाव या अतिरिक्त इमेज चाहिएं, बताएं!

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